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Explore our collection of 82 beautiful poems

Ghazal Start Reading

शुरू होने से पहले

तुझे खोने का डर था पाने से पहले,
ख़त्म किस्सा हुआ शुरू होने से पहले।
बहुत रोए हैं हम मुस्कुराने से पहले,
ज़रा सोचो किसी का दिल दुखाने से पहले।
खबर होती अगर ये अंजाम-ए-मोहब्बत,
मुकर जाते कसम हम खा...
Ghazal Start Reading

गवारा नहीं

भीख में मिली इज़्ज़त हमें गवारा नहीं,
हम वो हैं जिन्हें किसी का सहारा नहीं।
जो एक बार मेरी नज़रों से गिर गया,
फिर उस शख्स को हम देखते दोबारा नहीं।
मेरी कश्ती को डराने की कोशिश मत करना,
मैं वो समं...
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सब कुछ मिल गया, मगर...

सब कुछ मिल गया, बस एक मलाल रह गया,
जवाब तो ढूँढ लिए, पर ज़िंदा सवाल रह गया।

हम बनाते रहे ऊँचे मकान शहरों में उम्र भर,
मगर गाँव वाला वो कच्चा घर, सिर्फ ख्याल रह गया।

जिस्म को सजाने की फिक्र थी ...
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चेहरे पे नक़ाब

यहाँ हर शख्स अपने फ़ायदे का हिसाब रखता है,
हाथ मिलाता है मगर, चेहरे पे नक़ाब रखता है।
काँटों से बचकर चलने की हिदायत वही देता है,

जो अपनी मुट्ठी में मसले हुए गुलाब रखता है।

मेरी ख़ामोशी को मेरी ...
Ghazal Start Reading

औकात दिखा दी

जो लोग मेरी इज़्ज़त के काबिल नहीं थे,
उन्हें हमने अपनी नज़रों से गिरा दिया।

बहुत शौक था उन्हें हमारे जज़्बातों से खेलने का,
हमने बाज़ी ही पलट दी और उन्हें हरा दिया।

जो समझते थे खुद को बादशाह म...
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गुलामी नहीं करते

ये सर बस 'खुदा' के आगे झुकता है, हम किसी को सलाम नहीं करते,
हम बादशाह हैं अपनी मर्जी के, किसी की गुलामी नहीं करते।
मेरी इज़्ज़त ही मेरा गहना है, इसे सँभाल के रखता हूँ,
हम अपनी खुद्दारी को भरे बाज़ा...
Ghazal Start Reading

तबाही का सुकून

बड़े सलीके से, बड़ी खामोशी के साथ,
अपनी ही खुशियों को करके आज़ाद,
कर रहा हूँ खुद को बर्बाद।

बना सकता था मैं भी महल, जोड़ सकता था मैं भी रिश्ते,
मगर अपने ही हाथों, हिलाकर अपनी बुनियाद,
कर रहा हूँ ...
Nazm Start Reading

भगोड़े भगवान

जब मेहनत की रोटी कमाना इनके बस की बात न थी,
ज़िंदगी की धूप में तपना इनकी औकात न थी।
छोड़कर रणभूमि को, ये कायर फ़रार हो गए,
कपड़े रंगे गेरुआ, और 'धर्म के ठेकेदार' हो गए।

जो ख़ुद ज़िंदगी की जंग में लड़ न...
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सुलगते लोग और मेरी नींदें

ये लाल आँखें, ये बे-नींद रातें, सब मेरी 'मेहनत' की निशानी है,
दुनिया की 'पिछवाड़े' की आग से तो, ये कई गुना बेहतर कहानी है।

मेरी आँखों में जलन है, क्योंकि मेरे सपने बड़े हैं,
तेरी 'तशरीफ़' में जलन ह...
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वैरागी की प्रेम-कथा

​तुम्हें क्या लगता है,
आसान था एक 'योगी' से प्रेम करना?
​वो, जो अपनी ही धुन में,
संसार से कटा हुआ,
बर्फ की चट्टानों पर बैठा था...
आँखें मूंदे, दुनिया से बेखबर।
​सबने कहा— "वो वैरागी है,
उसके पा...