Rubai

रुबाई

15 views December 12, 2025
वो ख्वाब था बिखर गया, ख्याल रह गया,
दिल में बस एक दबे पाँव सवाल रह गया।
हमने तो चाहा था उन्हें ज़िंदगी से बढ़कर,
अब उनके जाने का बस एक मलाल रह गया।

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शाम का वक़्त हो, और हल्की सी ठंडी हवा हो जाए,
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