Ghazal

संभाल रखा है

9 views December 12, 2025
तेरी यादों को दिल में बसा रखा है,
हमने खुद को दुनिया से छुपा रखा है।
हवाओं से कह दो कि ज़ोर न लगाएँ,
एक चिराग-ए-उम्मीद जला रखा है।
वो आएंगे शायद इसी रास्ते से कहीं,
नज़रों को दहलीज़ पे बिछा रखा है।
पूछते हैं लोग मेरी बर्बादी का सबब,
मैंने होंठों पे तेरा नाम बचा रखा है।
ये और बात है कि वो मिले नहीं अब तक,
मगर इस दिल ने फासला मिटा रखा है।

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