Ghazal

बच्चे की जान लोगी क्या? 😉😍

15 views December 12, 2025
यूँ बन-संवर के छत पे आना, अब बस भी करो,
पूरे मोहल्ले का 'बीपी' (BP) बढ़ाना, अब बस भी करो।
तुम्हारी एक स्माइल से हो गया हूँ मैं 'शुगर' का मरीज़,
यूँ चाय में उंगली डुबो कर, उसे मीठा बनाना अब बस भी करो।

बिना 'मेकअप' के ही तुम पर 'क़त्ल' के केस चल रहे हैं,
ऊपर से ये आँखों में 'काजल' लगाना, अब बस भी करो।

आईना भी कन्फ्यूज़ है कि असली चाँद कौन सा है,
यूँ शीशे के सामने घंटों बिताना, अब बस भी करो।

एक तो ये कातिल अदाएं, और उस पे ये भोलापन,
यूँ दिन-दहाड़े मेरा दिल चुराना, अब बस भी करो।

'डॉक्टर' ने मना किया है मुझे जानलेवा झटकों से,
यूँ साड़ी पहनकर, जुल्फें गिराना, अब बस भी करो।

'ज़िगर शायर' तो बेचारा सीधा-सादा सा 'आशिक' है तुम्हारा,
बच्चे की जान लोगी क्या? यूँ सताना अब बस भी करो!

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