Ghazal

एहसास

18 views December 12, 2025
यहाँ हर आदमी अंदर से कुछ टूटा है,
किसी के दर्द को बस प्यार से बुलाकर तो देखो।

जो गिर गया है, उसे तुम हँसी में टालो मत,
ज़रा सा हाथ बढ़ा कर, उसे उठा कर तो देखो।

ये नफ़रतें, ये जलन, सब धुआँ हो जाएँगी,
किसी पे दिल से ज़रा रहम तुम दिखा कर तो देखो।

वो एक रोटी को तरसा है, तुम हो महलों में,
कभी किसी को तुम अपना निवाला खिला कर तो देखो।

बहुत कठोर है दुनिया, यहाँ सभी पत्थर,
तुम्हारी आँख में करुणा है, तुम अपनी आंखों को रुला कर तो देखो।

यहाँ हर आदमी अंदर से कुछ टूटा है,
किसी के दर्द को बस प्यार से बुलाकर तो देखो।

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